नई
दिल्ली।
ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने कहा है कि हिंसा के साथ इस्लाम को जोड़ने को गलत करार दिया है। उन्होंने कहा है कि सामाजिक अन्याय तथा पैसा आतंकवाद का प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा है कैथोलिक लोग भी इतने अधिक घातक हो सकते हैं।
पोप ने यह चेतावनी देते हुए कहा कि यूरोप अपने युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेल रहा है। उक्त बातें उन्होंने पोलैंड से लौटते समय पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। बता दें कि 26 जुलाई को फांस में पादरी की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। इसी पर बोलते हुए पोप ने कहा कि हिंसा के पीछे मुख्य कारक बल धर्म नहीं है।
पोप ने कहा कि मैं इस्लामिक हिंसा के ऊपर बात नहीं करना चाहता क्योंकि रोजाना जब मैं अखबार पढ़ता हूं तो देखता हूं कि इटली में कोई अपनी प्रमिका की हत्या कर रहा है तो कोई अपनी सास की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का पहला रूप है और यह सभी मानवता के खिलाफ है।
ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने कहा है कि हिंसा के साथ इस्लाम को जोड़ने को गलत करार दिया है। उन्होंने कहा है कि सामाजिक अन्याय तथा पैसा आतंकवाद का प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा है कैथोलिक लोग भी इतने अधिक घातक हो सकते हैं।
पोप ने यह चेतावनी देते हुए कहा कि यूरोप अपने युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेल रहा है। उक्त बातें उन्होंने पोलैंड से लौटते समय पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। बता दें कि 26 जुलाई को फांस में पादरी की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। इसी पर बोलते हुए पोप ने कहा कि हिंसा के पीछे मुख्य कारक बल धर्म नहीं है।
पोप ने कहा कि मैं इस्लामिक हिंसा के ऊपर बात नहीं करना चाहता क्योंकि रोजाना जब मैं अखबार पढ़ता हूं तो देखता हूं कि इटली में कोई अपनी प्रमिका की हत्या कर रहा है तो कोई अपनी सास की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का पहला रूप है और यह सभी मानवता के खिलाफ है।
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