नई
दिल्ली।
वस्तु और सेवाकर संशोधन विधेयक(जीएसटी) बुधवार को राज्यसभा में
पारित हो गया। इस विधेयक को 6 संशोधनों के साथ राज्यसभा में पेश किया गया
था। इसको लेकर शाम तक चर्चा चली। इसपर वोटिंग कराया गया जिसमें जीएसटी के
पक्ष में 197 वोट मिले। AIADMK ने विरोध में सदन से बायकॉट कर दिया।
ऐसा माना जा रहा है कि GST की दर 17-20% के बीच हो सकती है। राज्यसभा में जेटली ने कहा कि जीएसटी से टैक्स चोरी पकड़ने में आसानी होगी। उन्होंने जीएसटी को देश के आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे बड़ा बदलाव आएगा।
जीएसटी को देश के आर्थिक सुधार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इससे पूरे देश में एक समान कर लगेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस कभी भी जीएसटी के विरोध में नहीं थी। साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी की ऊपरी सीमा 18 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही बसपा, जेडीयू ने भी जीएसटी का समर्थन किया।
आइये जान लेते हैं क्या है जीएसटी
-गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स
-एक अप्रत्यक्ष कर
-सीधे-सीधे ग्राहकों से नहीं वसूला जाएगा
-आजादी के बाद सबसे बड़ा टैक्स सुधार
-करीब 20 करों की जगह सिर्फ एक टैक्स
टैक्स जो खत्म किए जाएंगे...वो हैं..
-सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी
-एडिशनल एक्साइज ड्यूटी
-सर्विस टैक्स
-एडिशनल कस्टम ड्यूटी
-स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम
-वैट/सेल्स टैक्स
-सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स
-ऑक्ट्रॉय ड्यूटी टैक्स, एंट्री टैक्स
-परचेज टैक्स, लक्जरी टैक्स
कैसे बदलेगी कर प्रणाली?
वस्तुओं और सेवाओं पर
लगेंगे 3 तरह के टैक्स
----
पहला सीजीएसटी यानी
सेंट्रल जीएसटी
----
केंद्र सरकार वसूलेगी
सीजीएसटी
----
दूसरा होगा एसजीएसटी
यानी स्टेट जीएसटी
---
राज्य सरकार
वसूलेगी एसजीएसटी
----
सेंट्रल और स्टेट टैक्स
'सप्लाई' पर लगेगा
---
तीसरा है
आईजीएसटी
----
आईजीएसटी यानी
इंटीग्रेटेड जीएसटी
----
इंटर स्टेट व्यापार
पर लगेगा आईजीएसटी
--------
केंद्र सरकार लेगी
आईजीएसटी
------
वसूली के बाद IGST का
होगा दोनों राज्यों
में समान बंटवारा
वस्तु और सेवाकर संशोधन विधेयक(जीएसटी) बुधवार को राज्यसभा में
पारित हो गया। इस विधेयक को 6 संशोधनों के साथ राज्यसभा में पेश किया गया
था। इसको लेकर शाम तक चर्चा चली। इसपर वोटिंग कराया गया जिसमें जीएसटी के
पक्ष में 197 वोट मिले। AIADMK ने विरोध में सदन से बायकॉट कर दिया।ऐसा माना जा रहा है कि GST की दर 17-20% के बीच हो सकती है। राज्यसभा में जेटली ने कहा कि जीएसटी से टैक्स चोरी पकड़ने में आसानी होगी। उन्होंने जीएसटी को देश के आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे बड़ा बदलाव आएगा।
जीएसटी को देश के आर्थिक सुधार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इससे पूरे देश में एक समान कर लगेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस कभी भी जीएसटी के विरोध में नहीं थी। साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी की ऊपरी सीमा 18 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही बसपा, जेडीयू ने भी जीएसटी का समर्थन किया।
आइये जान लेते हैं क्या है जीएसटी
-गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स
-एक अप्रत्यक्ष कर
-सीधे-सीधे ग्राहकों से नहीं वसूला जाएगा
-आजादी के बाद सबसे बड़ा टैक्स सुधार
-करीब 20 करों की जगह सिर्फ एक टैक्स
टैक्स जो खत्म किए जाएंगे...वो हैं..
-सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी
-एडिशनल एक्साइज ड्यूटी
-सर्विस टैक्स
-एडिशनल कस्टम ड्यूटी
-स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम
-वैट/सेल्स टैक्स
-सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स
-ऑक्ट्रॉय ड्यूटी टैक्स, एंट्री टैक्स
-परचेज टैक्स, लक्जरी टैक्स
कैसे बदलेगी कर प्रणाली?
वस्तुओं और सेवाओं पर
लगेंगे 3 तरह के टैक्स
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पहला सीजीएसटी यानी
सेंट्रल जीएसटी
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केंद्र सरकार वसूलेगी
सीजीएसटी
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दूसरा होगा एसजीएसटी
यानी स्टेट जीएसटी
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राज्य सरकार
वसूलेगी एसजीएसटी
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सेंट्रल और स्टेट टैक्स
'सप्लाई' पर लगेगा
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तीसरा है
आईजीएसटी
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आईजीएसटी यानी
इंटीग्रेटेड जीएसटी
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इंटर स्टेट व्यापार
पर लगेगा आईजीएसटी
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केंद्र सरकार लेगी
आईजीएसटी
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वसूली के बाद IGST का
होगा दोनों राज्यों
में समान बंटवारा
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