आम
आदमी पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ झूठे केस लगाकर उनकी गिरफ्तारी अभियान
को पिछले तीन हफ्तों से मोदी सरकार ने कई गुना तेज़ कर दिया है। चुन-चुन कर
आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं को टारगेट किया जा रहा है और उनके
ख़िलाफ़ झूठे केस लगाकर उन्हे गिरफ्तार किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी की
महिला नेताओं को भी मोदी पुलिस ने अपना टारगेट बनाना शुरु कर दिया है।
दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष राखी बिड़ला को दिल्ली पुलिस के एसीपी फोन
करके बड़ी बदतमीज़ी से बात करते हैं और एक संवैधानिक पद की गरिमा का भी वो
ख्याल नहीं रखते।
प्रेस कॉंफ्रेस को सम्बोधित करते हुए आम
आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि 'आम आदमी पार्टी
के नेताओं के ख़िलाफ़ मोदी जी ने एसीबी,दिल्ली पुलिस, सीबीआई और अब तो इनकम
टैक्स विभाग को भी छोड़ दिया है। हाल ही में हमारे विधायक अमानतुल्लाह खान
के बैडरुम तक में घुस कर उनकी पत्नी के साथ धक्कामुक्की करते हुए पुलिस
विधायक को घसीटते हुए घर से लेकर जाती है जिसके बाद विधायक जी की पत्नी
कहती हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्हे बेपर्दा होना पड़ा। दूसरे केस
में नरेला से विधायक शरद चौहान को पुलिस 9-9 घंटे से पूछताछ करती है और
हमारे पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने हमें बताया है कि हमारी महिला
कार्यकर्ता के खुदकुशी मामले में आरोपी रमेश भारद्वाज पर थर्ड डिग्री का
इस्तेमाल करते हुए जबरदस्ती पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे का दूसरे
आप नेताओं का नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है। कोई आश्चर्य नहीं होगा कि
कल को ये लोग दिलीप पांडे को गिरफ्तार कर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर
अरविंद केजरीवाल का नाम लेने का दबाव बनाने लग जाएं'।
पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि 'कल
हमारी पार्टी की महिला विधायक और दिल्ली विधानसभा की डिप्टी स्पीकर सुश्री
राखी बिड़लान को दिल्ली पुलिस के एसीपी फोन करके उन्हे थाने में आने की
धमकी देते हैं, हैरानी की बात तो यह थी कि ना कोई मुकदमा और ना ही शिकायत
फिर भी जबरदस्ती एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला के साथ बड़ी बदतमीज़ी से
दिल्ली पुलिस के अधिकारी पेश आते हैं। पुलिस राखी बिड़लान को फंसाने के लिए
२०१३ से राखी को परेशान कर रहे एक व्यक्ति का सहारा ले रही है. हम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को कहना चाहते हैं कि आप चाहे तो हमारे 67 के
67 विधायकों को गिरफ्तार कर लीजिए, देश की जनता यह सबकुछ देख रही है और
देश की जनता वक्त आने पर अपने आप तय कर लेगी कि आपको अपनी कुर्सी पर रहने
का हक है या नहीं'

Post a Comment