नई दिल्ली. ---
निरंकारी मिशन के प्रमुख बाबा हरदेव सिंह की अंतिम
यात्रा में बुधवार को उनके कई अनुयायी शामिल हुए। अंतिम यात्रा बुराड़ी में
उनके आश्रम से निगमबोध घाट तक निकाली गई। इससे पहले, मंगलवार रात राजनाथ
सिंह उन्हें श्रद्धांजलि देने आश्रम पहुंचे। इस मिशन की कमान संभालने के
लिए बाबा हरदेव की पत्नी सविंदर कौर के नाम का एलान होगा। बता दें कि बाबा
की पिछले दिनों कनाडा में कार हादसे में मौत हो गई थी।
बाबा हरदेव सिंह के अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़
– बता दें कि बाबा हरदेव की 13 मई को कनाडा में एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उनके साथ उनके दामाद अवनीत की भी मौत हुई थी।
– मंगलवार को श्रद्धांजलि देने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हरदेव सिंह के परिजनों से भी मुलाकात की थी।
– उनकी बॉडी को सोमवार को दिल्ली लाया गया था। यहां निरंकारी आश्रम के
8 नंबर ब्लॉक में बाबाजी की बॉडी को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था।
– यहां से उनकी पार्थिव देह को दिल्ली के निगमबोध घाट ले जाया गया।
एक ही परिवार से पिछले तीन गुरु
– निरंकारी मिशन की परंपरा के मुताबिक पिछले तीन गुरु एक ही परिवार के हुए हैं।
– बाबा हरदेव सिंह का कोई बेटा नहीं है। ऐसे में अटकलें थीं कि उनके बड़े दामाद संदीप खिंडा को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
– लेकिन अब साफ हो गया है कि बाबा हरदेव जी की पत्नी सविंद्र कौर ही कमान संभालेंगी।
– बाबा हरदेव सिंह का कोई बेटा नहीं है। ऐसे में अटकलें थीं कि उनके बड़े दामाद संदीप खिंडा को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
– लेकिन अब साफ हो गया है कि बाबा हरदेव जी की पत्नी सविंद्र कौर ही कमान संभालेंगी।
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छोटी बेटी भी थी दौड़ में?
– कृपा सागर ने इन खबरों का खंडन किया कि बाबाजी की छोटी बेटी के नाम की गद्दी के लिए कोई घोषणा का गई है।
– कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बाबा जी की छोटी बेटी सुदीक्षा और मिशन के चेयरमैन गोबिंद को गुरु गद्दी पर बिठाए जाने की चर्चा थी।
– हालांकि सुदीक्षा गुरु गद्दी पर नहीं बैठेंगी, पर मिशन में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
– बता दें कि 2 जून 2015 को दिल्ली में ही पंचकुला के रहने वाले अवनीत की सुदीक्षा के साथ शादी हुई थी।
– एक्सीडेंट में बाबा के साथ अवनीत की भी मौत हो गई थी। बाबा हरदेव की तीन बेटियां हैं जिनमें बड़ी बेटी का नाम समता है।

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